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भारत की भौगोलिक स्थिति

भारत

भारत की भौगोलिक स्थिति

भारत हिन्द महासागर के उत्तर में स्थित है। यह दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण-पश्चिमी एशिया के मध्य में स्थित है। यह पश्चिम में पाकिस्तान के साथ, उत्तर-पश्चिम में अफगानिस्तान, उत्तर में चीन, नेपाल और भूटान, पूर्व में बांग्लादेश के साथ तथा उत्तर-पूर्व में म्यांमार के साथ सीमा बनाता है। यह तीन ओर से समुद्र से घिरा हुआ है। दक्षिण-पूर्व में बंगाल की खाड़ी, दक्षिण में हिन्द महासागर एवं दक्षिण-पश्चिम में अरब सागर स्थित है। 


  • क्षेत्रफल:- 32,87,263 वर्ग किमी. जो कि विश्व के कुल भूमि क्षेत्रफल का 2.42% है। इसके अतिरिक्त 1,20,849 वर्ग किमी. क्षेत्र चीन  और पाकिस्तान के कब्जे में है। 
  • अक्षांश:- 8°4' से 37°6'  उत्तरी अक्षांश 
  • देशांतर:- 68°7' से 97°25' पूर्वी देशांतर
  • देश की कुल सीमा :- लगभग 15,200 किमी.
  • तट रेखा की लम्बाई :- 7516 किमी. (अंडमान व निकोबार द्वीप समूह एवं लक्षद्वीप सहित)
  • उत्तर-दक्षिण विस्तार:- 3214 किमी.
  • पूर्व-पश्चिम विस्तार:- 2933 किमी.
  • भारतीय मानक समयः- ग्रीनविच समय से +5½ घंटे आगे है। यदि पृथ्वी की घूर्णन गति को विपरीत दिशा में कर दिया जाये तो भारतीय मानक समय ग्रीनवीच समय से +5½ घंटे के बजाए -5½ घंटे हो जायेगा। 
  • मानक माध्याह्न :- 82½° पूर्वी देशांतर (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश)
  • दक्षिणतम बिन्दु:- इन्दिरा प्वाइंट (अंडमान व निकोबार)
  • मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिन्दुः- केप कोमोरिन (कन्याकुमारी)
  • पूर्वोत्तम बिन्दुः- वालोंग (अरूणाचल प्रदेश)
  • पश्चिमत्तम बिन्दुः- राममीर करीक (कच्छ)
  • उत्तरत्म बिन्दुः- इंदिरा कोल (सियाचिन)
  • भारत के पड़ोसी देशः- पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश तथा म्यांमार। 
  • आकार के अनुसार विश्व में स्थानः- विश्व में सातवां सबसे बड़ा देश भारत है तथा इसका स्थान रूस, कनाडा, चीन, अमेरिका, ब्राजील एवं अॉस्ट्रेलिया के बाद आता है।

कर्क रेखा देश के मध्य से होकर गुजरती है और इसे दो भागों में विभाजित करती हैः- 

1. उष्णकटिबंधीय   2. उपोष्ण कटिबंधीय । 

"भारतीय प्रायद्वीप का दक्षिणी भाग हिन्द महासागर के उत्तरी भाग को दो हिस्सों - अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी  में विभाजित करता है। भारतीय गणराज्य 29 राज्यों एवं 7 केन्द्र शासित प्रदेशों से मिलकर बना है जिसमें एक नये राज्य तेलंगाना को हाल ही में जोड़ा गया है। दिल्ली भारत की राष्ट्रीय राजधानी है।"



भारत के पड़ोसी देश और उनकी मुद्राएँ

देश राजधानी मुद्रा 
 नेपालकाठमाण्डूनेपाली रूपया
भूटानथिम्पूएनगल्ट्रम
पाकिस्तान इस्लामाबादपाकिस्तानी रूपया
श्रीलंकाश्रीजयवर्द्धेनपुरा, कोलंबोश्रीलंका रूपया
बांग्लादेश ढ़ाका टका
म्यांमारनेयपईतावक्यात
चीनबीजिंगयुआन
अफगानिस्तानकाबुल अफगानी



भारत की सीमाएँः-

1.  स्थल सीमाः- पूर्व में म्यंमार एवं बांग्लादेश, उत्तर में चीन, नेपाल एवं भूटान उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान और अफगानिस्तान स्थित है। 

2. समुद्र सीमाः- पश्चिम में अरब सागर, दक्षिण  में हिन्द महासागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी स्थित है।


पड़ोसी देशों के साथ राज्य

क्रंसं.देशलम्बाई (किमी. में)भारतीय राज्य की सीमा सबसे लम्बा सीमा राज्य
1बांग्लादेश4096.7असम, मीजोरम, त्रिपुरा, मेघालय और पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल
2चीन3488जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर
3पाकिस्तान3323गुजरात, राज्यस्थान, पंजाब और जम्मू एवं कश्मीरराज्यस्थान
4नेपाल 1751उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम  बंगाल, सिक्किम, उत्तराखण्डबिहार
5म्यांमार1643अरूणाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मीजोरम, मणिपुरमिजोरम
6भूटान605सिक्किम, असम, पश्चिम बंगाल, अरूणाचल प्रदेशअसम
7अफगानिस्तान106जम्मू एवं कश्मीरजम्मू एवं कशमीर



  • मानक माध्याह्न रेखाः-  82½° पूर्वी देशांतर है जो  कि इलाहाबाद के मध्य से होकर गुजरती है। ये ग्रीनविच मध्याह्न समय से 5½ घण्टे आगे है। 
  • भौतिक विभाजनः- 1. उत्तर में हिमालय पर्वत  2. उत्तर का महान मैदान 3. दक्षिण का पठारी क्षेत्र 4. तटीय क्षेत्र 5. थार का मरूस्थल
  • भूमध्य रेखा से भारत के दक्षिणत्तम बिन्दु की दूरीः- 876 किमी.
  • द्वीप सहित समुद्रम की सीमाः- 7516.6 किमी.
  • भूमि सीमा समुद्र की सीमाः- 15200 किमी.
  • द्वीपः- बंगाल की खाड़ी 304, अरब सागर-43
  • जिन राज्यों से कर्क रेखा गुजरती है वे इस प्रकार हैः-गुजरात, राज्यस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पं. बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम।
  • पर्वतीय सीमाः- गॉडविन अॉस्टिन K-2 (8611मीटर) भारत की सर्वोच्च चोटी है इसके अतिरिक्त कंचनजंघा, नंगा पर्वत, नन्दा-देवी, कामेत, मकालू , अन्नपूर्णा , मंशालू, बद्रीनाथ, केदारनाथ तथा त्रिशुल आदि।
  • मुख्य झीलेंः- वुलर(जम्मू व कश्मीर), डल(जम्मू कश्मीर), चिल्का (ओ़डिशा)
  • कुल जनसंख्याः-1210854977 (2011)
  • विश्व जनसंख्या का प्रतिशतः- 17%
  • जनसंख्या का घनत्वः- 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.(2011 की जनगणना के अनुसार)
  • दशकीय जनसंख्या वृद्धि दरः- 17.64%
  • लिंगानुपातः- 943ः1000
  • साक्षरता दरः-74.04(पुरूष साक्षरताः-82.14, महिला साक्षरता दरः-65.46)

राष्ट्रीय राजनीतिक  पार्टियाँ

राजनीतिक पार्टीस्थापना वर्ष संस्थापकचुनाव चिन्हतत्कालिन अध्यक्ष
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1885ए.ओ. ह्यूमहाथ(पंजा)राहुल गाँधी
भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी1925एम. एन. रॉयमक्के की बलियां और हंसियाएस. सुधाकर रेड्डी
भारतीय जनता पार्टी1951/1980श्यामा प्रसाद मुखर्जीकमलअमित शाह
बहुजन समाज पार्टी1984कांशीरामहाथी (असम राज्य को छोड़कर)मायावती
भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी
( मार्क्सवादी)
1964ज्योति बसुहथौड़ा, हंसिया और सितारासीतारम येचुरी
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी1999शरद पवारघड़ी शरद पवार
सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी1998ममता बनर्जीफूल और घासममता बनर्जी



भारत के राष्ट्रीय प्रतीक

भारत का राष्ट्रीय ध्वज

तिरंगा भारत का राष्ट्रीय ध्वज है।भारत की संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज का प्रारूप 22 जुलाई 1947 को अपनाया। राष्ट्रीय ध्वज श्री पिंगली वेंकैया जी ने डिजाइन किया था।ध्वज की लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 है। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में समान अनुपात में तीन क्षैतिज पट्टियां हैं: गहरा केसरिया रंग सबसे ऊपर, सफेद बीच में और हरा रंग सबसे नीचे है।  सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का चक्र है। इसका प्रारूप सारनाथ में अशोक के सिंह स्तंभ पर बने चक्र से लिया गया है। इसका व्यास सफेद पट्टी की चौड़ाई के लगभग बराबर है और इसमें 24 तीलियां हैं। राष्ट्रीय ध्वज के रंग कुछ अर्थों का प्रतिनिधित्व करते है। जैसे-शीर्ष में गहरा केसरिया रंग देश की ताकत और साहस को दर्शाता है।बीच में स्थित सफेद पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य का संकेत है। हरा रंग देश के शुभ, विकास और उर्वरता को दर्शाता है। 

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तम्भ)लॉयन कैपिटल के नाम से विख्यात है, इसको सारनाथ में मिली अशोक लाट से लिया गया है। मूल रूप इसमें चार शेर हैं जो चारों दिशाओं की ओर मुंह किए खड़े हैं। इसके नीचे एक गोल आधार है जिस पर एक हाथी के एक दौड़ता घोड़ा, एक सांड़ और एक सिंह बने हैं। ये गोलाकार आधार खिले हुए उल्टे लटके कमल के रूप में है। हर पशु के बीच में एक धर्म चक्र बना हुआ है। राष्‍ट्र के प्रतीक में जिसे 26 जनवरी 1950 में भारत सरकार द्वारा अपनाया गया था केवल तीन सिंह दिखाई देते हैं और चौथा छिपा हुआ है, दिखाई नहीं देता है। चक्र केंद्र में दिखाई देता है, सांड दाहिनी ओर और घोड़ा बायीं ओर और अन्‍य चक्र की बाहरी रेखा बिल्‍कुल दाहिने और बाई छोर पर। घंटी के आकार का कमल छोड़ दिया जाता है। प्रतीक के नीचे सत्यमेव जयते देवनागरी लिपि में अंकित है। शब्‍द सत्‍यमेव जयते शब्द मुंडकोपनिषद से लिए गए हैं, जिसका अर्थ है केवल सच्‍चाई की विजय होती है। 

भारत का राष्ट्रीय गान

“जन-गण-मन” भारत का राष्ट्रीय गान है। इसे 24 जनवरी 1950 को अपनाया गया था। यह नोबेल पुरस्कार प्राप्तकर्ता रविन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया है। यह बांग्ला भाषा में लिखा गया है। अाबिद अली द्वारा इसका अनुवाद हिन्दी में किया गया। इसे 27 दिसम्बर ,1911 को कलकत्ता के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया था। 

स्‍वर्गीय कवि रबीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा "जन गण मन" के नाम से प्रख्‍यात शब्‍दों और संगीत की रचना भारत का राष्‍ट्र गान है। इसे इस प्रकार पढ़ा जाए:

जन-गण-मन अधिनायक, जय हे
भारत-भाग्‍य-विधाता,
पंजाब-सिंधु गुजरात-मराठा,
द्रविड़-उत्‍कल बंग,
विन्‍ध्‍य-हिमाचल-यमुना गंगा,
उच्‍छल-जलधि-तरंग,
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मांगे,
गाहे तव जय गाथा,
जन-गण-मंगल दायक जय हे भारत-भाग्‍य-विधाता।
जय हे, जय हे, जय हे,
जय जय जय जय हे।

उपरोक्‍त राष्‍ट्र गान का पूर्ण संस्‍करण है और इसकी कुल अवधि लगभग 52 सेकंड है।

भारत के राष्ट्रीय गीत

 24 जनवरी 1950 को इस गीत को मान्यता प्रदान की गयी थी।वन्‍दे मातरम गीत बंकिम चन्‍द्र चटर्जी द्वारा संस्‍कृत में रचा गया है इसे उनके उपन्यास “आनन्दमठ” से लिया गया है। जदुनाथ भटाचार्य के द्वारा इसे संगीतबद्ध किया गया है। रविन्द्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1896 के कलकत्ता अधिवेशन में गाया था। इस गीत को 1905 में भारत के स्वदेशी आंदोलन में इस्तेमाल किया गया था।  यह स्‍वतंत्रता की लड़ाई में लोगों के लिए प्ररेणा का स्रोत था। इसका स्‍थान जन गण मन के बराबर है।  इसका पहला अंतरा इस प्रकार है:

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!
सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,
शस्यश्यामलाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्!
शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥


भारत का राष्ट्रीय पंचाग

भारत का राष्‍ट्रीय कैलेंडर शक संवत पर आधारित है, चैत्र इसका माह होता है। वर्ष 1957 में इसे राष्ट्रीय पंचाग के रूप में अपनाया गया। इसमें वर्ष का विभाजन सौर तथा चन्द्र महीनों में किया जाता है। अधिकारिक शक् पंचाग का उपयोग उष्णकटिबन्धीय सौर वर्ष के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग भारतीय गजट में ग्रेगेरियन पंचांग के साथ-साथ किया जाता है। शक् पंचांग का उपयोग जावा तथा इंडोनेशिया के हिन्दूओं द्वारा भी किया जाता है। 


भारत का राष्ट्रीय फूल 

कमल (निलम्‍बो नूसीपेरा गेर्टन) भारत का राष्‍ट्रीय फूल है। यह पवित्र पुष्‍प है और इसका प्राचीन भारत की कला और गाथाओं में विशेष स्‍थान है और यह अति प्राचीन काल से भारतीय संस्‍कृति का मांगलिक प्रतीक रहा है। यह सूर्य का प्रतिक है क्योंकि यह पानी में सूर्य के उदय होते ही खिलता है।  वर्तमान में उपलब्‍ध डाटा वनस्‍पति विविधता में इसका विश्‍व में दसवां और एशिया में चौथा स्‍थान है। अब तक 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया उसमें से भारत के वनस्‍पति सर्वेक्षण द्वारा 47,000 वनस्‍पति की प्रजातियों का वर्णन किया गया है। ऐसी मान्यता है कि कमल के पौधे में फूल और फल एक ही समय आतें हैं। 

भारत का राष्ट्रीय पक्षी

भारतीय मोर भारत का राष्‍ट्रीय पक्षी एक रंगीन, हंस के आकार का पक्षी पंखे आकृति की पंखों की कलगी, आँख के नीचे सफेद धब्‍बा और लंबी पतली गर्दन।1963 में इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया। राष्ट्रीय वन्यजीव अधिनियम, 1972 के अनुसार इसे संरक्षित श्रेणी में रखा गया। इस प्रजाति का नर मादा से अधिक रंगीन होता है जिसका चमकीला नीला सीना और गर्दन होती है और अति मनमोहक कांस्‍य हरा 200 लम्‍बे पंखों का गुच्‍छा होता है। मादा भूरे रंग की होती है, नर से थोड़ा छोटा और इसमें पंखों का गुच्‍छा नहीं होता है। नर का दरबारी नाच पंखों को घुमाना और पंखों को संवारना सुंदर दृश्‍य होता है। अफ्रीकी कांगो मोर, भारतीय मोर आदि ये सभी मोर की प्रजातियां एशिया के अलावा अफ्रिका और अस्ट्रेलिया में भी पाये जाते है। नर मोर 2 मीटर तक अपने पंखों को फैला सकता है। 

भारत का राष्ट्रीय पशु

भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है। राजसी बाघ, तेंदुआ टाइग्रिस धारीदार जानवर है। इसकी मोटी पीली लोमचर्म का कोट होता है जिस पर गहरी धारीदार पट्टियां होती हैं। लावण्‍यता, ताकत, फुर्तीलापन और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्‍ट्रीय जानवर के रूप में गौरवान्वित किया है। ज्ञात आठ किस्‍मों की प्रजाति में से शाही बंगाल टाइगर (बाघ) उत्‍तर पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर देश भर में पाया जाता है और पड़ोसी देशों में भी पाया जाता है, जैसे नेपाल, भूटान और बांग्‍लादेश। भारत में बाघों की घटती जनसंख्‍या की जांच करने के लिए अप्रैल 1973 में प्रोजेक्‍ट टाइगर (बाघ परियोजना) शुरू की गई। अब तक इस परियोजना के अधीन 27 बाघ के आरक्षित क्षेत्रों की स्‍थापना की गई है जिनमें 37, 761 वर्ग कि॰मी॰ क्षेत्र शामिल है।

भारत का राष्ट्रीय फल

एक गूदे दार फल, जिसे पकाकर खाया जाता है या कच्‍चा होने पर इसे अचार आदि में इस्‍तेमाल किया जाता है, यह मेग्‍नीफेरा इंडिका का फल अर्थात आम  है जो उष्‍ण कटिबंधीहिस्‍से का सबसे अधिक महत्‍वपूर्ण और व्‍यापक रूप से उगाया जाने वाला फल है। इसका रसदार फल विटामिन ए, सी तथा डी का एक समृद्ध स्रोत है। भारत में विभिन्‍न आकारों, मापों और रंगों के आमों की 100 से अधिक किस्‍में पाई जाती हैं। आम को अनंत समय से भारत में उगाया जाता रहा है। कवि कालीदास ने इसकी प्रशंसा में गीत लिखे हैं। अलेक्‍सेंडरने इसका स्‍वाद चखा है और साथ ही चीनी धर्म यात्री व्‍हेन सांग ने भी। मुगल बादशाह अकबर ने बिहार के दरभंगा में 1,00,000 से अधिक आम के पौधे रोपे थे, जिसे अब लाखी बाग के नाम से जाना जाता है।

भारत का राष्ट्रीय वृक्ष

भारत का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है। भारतीय बरगद का पेड़ फाइकस बैंगा‍लेंसिस, जिसकी शाखाएं और जड़ें एक बड़े हिस्‍से में एक नए पेड़ के समान लगने लगती हैं। जड़ों से और अधिक तने और शाखाएं बनती हैं। इस विशेषता और लंबे जीवन के कारण इस पेड़ को अनश्‍वर माना जाता है और यह भारत के इतिहास और लोक कथाओं का एक अविभाज्‍य अंग है। आज भी बरगद के पेड़ को ग्रामीण जीवन का केंद्र बिन्‍दु माना जाता है और गांव की परिषद इसी पेड़ की छाया में बैठक करती है।

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Post On 2018-09-21