अल्पपरासारी विलयन वह विलयन होता है जिसमें विलेय की सांद्रता कोशिका के अंदर के तरल पदार्थ की तुलना में कम होती है।
जब एक कोशिका को अल्पपरासारी विलयन में रखा जाता है, तो पानी कोशिका में प्रवेश करता है जिससे वह फूल जाती है या फट भी सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कोशिका के अंदर विलेय की सांद्रता अधिक होती है, इसलिए पानी परासरण द्वारा कोशिका में प्रवेश करता है।
अल्पपरासारी विलयन का उपयोग चिकित्सा में निर्जलीकरण के इलाज के लिए किया जाता है। इसका उपयोग कुछ प्रकार के नशीली दवाओं को पतला करने के लिए भी किया जाता है।
यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं जो समझने में मदद कर सकते हैं कि अल्पपरासारी विलयन क्या है:
यहां कुछ महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं जो अल्पपरासारी विलयन के बारे में याद रखनी चाहिए: