द्वितीय अर्द्धसूत्री विभाजन #8211; (1) इसे समकारी अर्द्धसूत्री विभाजन (homotypic meiosis) भी कहते हैं। इसमें सूत्री विभाजन के समान चार अवस्थाएँ द्वितीय पूर्वावस्था, द्वितीय मध्यावस्था, द्वितीय पश्चावस्था तथा द्वितीय अन्त्यावस्थआ होती है। (2) मुख्यतः अगुणित जीवनचक्र वाले पौधे, जैसे #8211; यूलोथ्रिक्स (Ulothrix) में यूग्मनज अर्द्धसूत्री विभाजन (zygotic meiosis), द्विगुणित जीवन चक्र वाले पौधों में युग्मकी अर्द्धसूत्री विभाजन (gametic meiosis) तथा उच्च वर्ग के पौधों में बीजाणुक अर्द्धसूत्री विभाजन (sporic meiosis) होता है। (3) विनिमय (crossing over) द्वारा नई किस्मों का विकास एवं अर्द्धसूत्री विभाजन तथा निषेचन द्वारा गुणसूत्रों की संख्या समान बने रहना, आदि के लिए अर्द्धसूत्री विभाजन महत्वपूर्ण है।
answered Jul 24, 2023 at 11:22