ल्यूकास परीक्षण प्रक्रिया को ल्यूकास अभिकर्मक भी कहा जाता है। ल्युकास परीक्षण का उपयोग कम अणुभार वाले ऐल्कोहॉलों को वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है। ल्यूकास परीक्षण में क्लोराइड एक हाइड्रॉक्सिल समूह की जगह लेता है। (1) तृतीयक ऐल्कोहॉल तुरन्त क्रिया करके धुंधलापन उत्पन्न करते हैं। (2) द्वितियक ऐल्कोहॉल 5 – 10 मिनट में धुंधलापन उत्पन्न करते हैं। (3) प्राथमिक ऐल्कोहॉल कमरे के ताप पर क्रिया नहीं करते हैं। R —OH + HCl → R —Cl + H<sub>2</sub>O
answered Jul 24, 2023 at 10:21