गुरूत्व तरंगों की तरंगदैर्ध्य का प्रारूपिक परिसर कई मीटर से कई सौ मीटर तक होता है। ये तरंगें गुरूत्वीय खिंचाव के रूप में लगने वाले प्रत्यानयन बल द्वारा बनती हैं जो जल के पृष्ठ को अपने न्यूनतम स्तर पर रखने का प्रयास करती है।
answered Jul 23, 2023 at 23:30