भू-तरंग वे रेडियो तरंगें है जो सीधे प्रेषी ऐन्टेना से ग्राही ऐन्टेना तक पृथ्वी के पृष्ठ के निकट चलती हैं पृष्ठ तरंग संचरण भी कहलाता है। भू-तरंगें पृथ्वी की वक्रता पर मुड़ नहीं पाती हैं और भू-तरंग संटरण रेडियो तरंगों की उच्चतर आवृत्तियों (अर्थात निम्न तरंगदैर्ध्य) के लिए क्षीण होता है। अतः भू-तरंग प्रेषण 200 मीटर या इससे अधिक तरंगदैर्ध्य की रेडियो तरंगों के लिए उपयोगी होता है। रेडियो तरंगों का यह स्त्रोत मीडियम वेव बैण्ड कहलाता है।
answered Jul 23, 2023 at 23:30