दुर्बल नाभिकीय बल केवल निश्चित नाभिकीय प्रक्रियाओं, जैसे किसी नाभिक के β-क्षय में प्रकट होते हैं। β-क्षय में नाभिक एक इलेक्ट्रॉन तथा एक अनावेशित कण, जिसे न्यूट्रीनों कहते हैं, उत्सर्जित करता है। दुर्बल नाभिकीय बल गुरूत्वाकर्षण बल जितना दुर्बल नहीं होता, परन्तु प्रबल नाभिकीय तथा विद्युत चुम्बकीय बलों से काफी दुर्बल होता है। दुर्बल नाभिकीय बल का परिसर अत्यंत छोटा, 10<sup>-16</sup> m कोटि का है।
answered Jul 23, 2023 at 23:30