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चन्द्रगुप्त  मौर्य के बाद सिंहासन पर कौन बैठा था

Answer :- विष्णु गुप्त

चन्द्रगुप्त मौर्य ने जीवन के अतिंम चरण में अपने पुत्र बिंदुसार के पक्ष में सिंहासन त्याग करके जैन मुनि भद्रबाहु से जैन धर्म की दिक्षा ली और श्रवणबेलगोला (मैसूर) जाकर 298 ई. पूर्व में उपवास व्दारा शरीर त्यागा था। बिंदुसार को अमित्रघात के नाम से जाना जाता है। इसके शासन काल डायमेकस तथा डायनोसिस दो विदेशी राजदूत भारत आये।